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Reverse Charge Mechanism (RCM)

  • taxme1
  • Jan 19, 2023
  • 2 min read

क्या होता है GST में Reverse Charge?

Reverse Charge का मतलब आप इसके नाम से ही समझ सकते हैं। GST वसूली की सामान्य प्रक्रिया के बजाय उल्टे तरीके होने वाली प्रक्रिया को Reverse Charge कहते हैं। आप इसको ऐसे समझिये कि GST में सामान्यत: Supplier यानि वस्तु या सेवा को बेचने वाला व्यक्ति ग्राहक से GST चार्ज करता हैं और सरकार को जमा करवाता हैं। लेकिन कुछ परिस्थितियों में GST की जिम्मेदारी Supplier पर न होकर Receiver यानि वस्तु या सेवा खरीदने वाले व्यक्ति पर होती हैं, इसे ही Reverse Charge Mechanism (RCM) कहते हैं। रिवर्स चार्ज में क्रेता GST का भुगतान विक्रेता को न करके सीधा सरकार को जमा को जमा करवाता हैं| कुछ परिस्थितियों में Partial Reverse Charge भी होता हैं यानि कि GST के कुछ भाग की जिम्मेदारी क्रेता पर और बाकी हिस्से की जिम्मेदारी विक्रेता पर होती हैं।


उदाहरण के लिए- Mr A ने Mr B को 1,00,000 रुपये का गुड्स सेल किया। GST के नार्मल Provisions के हिसाब से Mr A द्वारा Mr B से GST लिया जायेगा और आगे गवर्नमेंट को पेमेंट किया जायेगा। लेकिन इस केस में अगर Reverse Charge लागुहोता तो Mr B द्वारा Mr A को GST का पेमेंट करने के बजाय सीधा गवर्नमेंट को भुगतान किया जाता।


एक लाइन में कहें तो, रिवर्स चार्ज सिस्टम में, जीएसटी वसूलने और जमा करने की जिम्मेदारी खरीदार की होती है, विक्रेता की नहीं।


1) अगर आप एक GST रजिस्टर्ड पर्सन है और किसी Unregistered पर्सन से गुड्स या सर्विसेज या दोनों प्राप्त करते है, तो इस केस में रिवर्स चार्ज लागू होगा और GST का पेमेंट आपके द्वारा किया जायेगा। लेकिन अगर कुल सप्लाइज एक दिनमें 5000 से अधिक नहीं है, तो आपके द्वारा GST का पेमेंट नहीं किया जायेगा।


2) कंपनी के डायरेक्टर द्वारा कंपनी को प्रदान सेवायें।

3) गुड्सट्रांसपोर्ट एजेंसी (GTA) द्वारा स्पेसिफ़िएड पर्सन को सड़क मार्गद्वारा गुड्स की सप्लाई।

4) एडवोकेट या एडवोकेट फर्मद्वारा किसी बिज़नेस entities को सर्विसेज प्रदान करना।

5) Arbitral Tribunal द्वारा बिज़नेस Entities को सर्विसेज प्रदान करना।

6) रिकवरीएजेंट द्वारा बैंकिंग कंपनी, फाइनेंसियल institution, nbfc को प्रदानसेवायें।

7) किसीभी पर्सन द्वाराबॉडी कॉर्पोरेट यापार्टनरशिप फर्म कोस्पोंसरशिप की सेवायेंप्रदान करना।

8) भारत के बाहर सेसर्विसेज को Import करने पर रिवर्स चार्ज लागू होगा।सर्विसेज को Import करना interstate sale माना जाता है इसलिए इस पर IGST Payable होगा।

9) बीमा एजेंट द्वारा बीमा कंपनी को प्रधान सेवायें।



Reverse Charge की क्या जरूरत है?

Reverse Charge की अवधारणा टैक्स चोरी रोकने और करों का दायरा बढाने के उद्देश्य से बनाई गई है। जो दुकानदार या व्यक्ति GST Network में रजिस्टर्ड नहीं हैं, उनसे GST वसूल पाना तो संभव होता नहीं। ऐसे सौदों को टैक्स के दायरे में रखने और उन पर GST वसूलने के लिए Reverse Charge सिस्टम को विकसित किया गया है।




 
 
 

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